नमस्कार दोस्तों आशा है आप अच्छे होंगे और अपने आप का ख्याल रख रहे होंगे। दोस्तों आज के टॉपिक एक तरह से कह सकते हैं आध्यात्मिक है। जी हां आज हम एक मंत्र के बारे में जानने वाले हैं।सनातन हिंदू धर्म में इस मंत्र का महत्व बहुत है। यह कभी-कभी परीक्षा में भी पूछा जाता है।
जी हां आपने सही पड़ा है टाइटल में।आज हम असतो मा सद्गमय किस वेद से लिया गया है, यही जानने वाले हैं।वैसे अगर देखा जाए तो हमें इतिहास में वेदिक कल्चर को पढ़ना होता है। जिसके तहत हमें एग्जाम में क्वेश्चन देखने को भी मिलते हैं।
हालांकि आप में से हर कोई शायद वेद,पुराण भी पढ़े होंगे।अगर आप पढ़े होंगे तो जरूर यह बता पाएंगे। लेकिन आप निश्चिंत हो जाइए अगर आप नहीं पढ़े हैं तो। क्योंकि अगर आप नहीं पढ़े हैं तो यह आर्टिकल आपको बहुत ही मदद करने वाला है। दोस्तों यह मंत्र किस वेद या पुराण से लिया गया है यह तो हम जानेंगे ही।
बल्कि हम इस आर्टिकल में इस मंत्र के बारे में भी बहुत ही डिटेल में जानकारी प्राप्त करने वाले हैं।
इसीलिए आप हमारे साथ ही आर्टिकल अंत तक पूरी पढ़े।ताकि आपको कोई कंफ्यूजन ना रहे।
तो चलिए शुरू करते हैं।
असतो मा सद्गमय किस वेद से लिया गया है?
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जानिए यहां! |
असतो मा सद्गमय यह बहुत ही जनप्रिय मंत्र है सनातन हिंदू धर्म में।आज हम इसके बारे में विस्तार से पड़ेंगे। लेकिन इसमें आगे बढ़ने से पहले आपको थोड़ा सा जानकारी दे देना चाहते हैं सनातन हिंदू धर्म के बारे में। दोस्तों सनातन हिंदू धर्म में चार वेद और 18 पुराण है और तो और बहुत से उपनिषद भी हैं मैंने इस आर्टिकल में उन सब वेद और 18 पुराणों के नाम नीचे लिखे हैं।आप एक बार पहले जरूर उसे पढ़े।
सनातन हिंदू धर्म में चार वेदों के नाम है
- ऋग्वेद
- सामवेद
- यजुर्वेद
- अथर्ववेद।
पुराणों के नाम है
- ब्रह्म पुराण
- पद्म पुराण
- शिव पुराण
- लिंग पुराण
- विष्णु पुराण
- भागवत पुराण
- स्कंद पुराण
- वराह पुराण
- नारद पुराण
- गरुड़ पुराण
- वायु पुराण
- वराह पुराण
- मत्स्य पुराण
- भविष्य पुराण
- वामन पुराण
- कुर्मा पुराण
- मार्कंडेय पुराण
- ब्रह्मांड पुराण
- अग्नि पुराण
सनातन हिंदू धर्म में करीब 108 उपनिषद है।जिनमे से 14 प्रमुख उपनिषदों के नाम है
- Katha,
- Kena,
- Isa,
- Mundaka,
- Prasna,
- Taittiriya,
- Chhandogya,
- Brihadaranyaka,
- Mandukya,
- Aitareya,
- Kaushitaki,
- Svetasvatara
- Maitrayani.
अगर आपको यह पुराण के नाम और उपनिषद के नाम नहीं पता होगा, तो शायद आपको बहुत से सवालों का जवाब देने में परेशानी हो सकती है। और एक तरह से अगर आप सनातनी हिंदू हैं तो आपको वेदों और पुराणों और उपनिषदों के नाम जरूर जानना चाहिए।
बहरहाल अपने टॉपिक पर आते हैं कि आखिर यह मंत्र किस ग्रंथ से ली गई है।
असतो मा सद्गमय मंत्र कोनसी वेद से संबंधित है?
दोस्तों सनातनी हिंदू धर्म की बहुत ही गौरवशाली इतिहास रहा है। कहा जाता है कि वेद परमात्मा की मुख से निकली हुई वाणी है।
आज भी देश के कोने कोने में वेदों में लिखी गई हजारों मंत्रों का हर रोज इस्तेमाल कहीं ना कहीं होता है। उसी मंत्र में से एक सबसे चमत्कार मंत्र बहुत ही चर्चित है।
ये मंत्र कभी-कभी किसी किसी परीक्षा में भी पूछ ली जाती है। वह मंत्र है असतो मा सद्गमय। हालांकि यह मंत्र बहुत बड़ा है।
लेकिन सवाल हमारे मन में यह रहता है कि आखिरकार यह किस वेद से जुड़ी हुई है।दोस्तों सबसे पहले आपको बता दें कि असतो मा सद्गमय यह मंत्र बृहदअरण्यक उपनिषद में है।
ऐसे में आप यह कह सकते हैं कि “असतो मा सद्गमय” बृहदअरण्यक उपनिषद से ली गई है।
लेकिन कभी-कभी प्रश्न यह भी आता है कि असतो मा सद्गमय किस वेद से लिया गया है। तो दोस्तों internet source की माने तो "असतो मा सद्गमय" वाक्य ऋग्वेद से लिया गया है।
आपको नीचे इस मंत्र के बारे में विस्तार से भी पढ़ने को मिल जाएंगे। यह मैंने आप लोगों के लिए ही विस्तार से लिखा है।अगर आप पढ़ते हैं तो आपको बहुत कुछ जानकारी विस्तार से जानने को मिलेगा।
असतो मां सद्गमया मंत्र का मतलब क्या है?
तो दोस्तों असतो मा सद्गमय यह बहुत थी आदिकाल से इस्तेमाल होते आ रहा है।आज भी ज्यादातर यज्ञ में इसका इस्तेमाल खूब जोरों शोरों से होता है।दोस्तों यह बहुत ही चमत्कारी मंत्र है।इस मंत्र का पूरा लाइन नीचे लिखा गया है।
ॐ असतो मा सद्गमय।
तमसो मा ज्योतिर्गमय।
मृत्योर्मामृतं गमय ॥
ॐ शान्ति शान्ति शान्तिः ॥
दोस्तों इसका मतलब जो है वह बड़ी चमत्कारी है। इंटरनेट की माने तो इसका मतलब होता है, मुझे असत्य से सत्य की ओर ले चलो;मुझे अंधकार से रोशनी की और ले चलो;मुझे मृत्यु से अमरता की ओर ले चलो।
इसे पवमान मन्त्र या पवमान अभयारोह भी कहां जाता है।
असतो मा सद्गमय मंत्र से जुड़ी कुछ सवाल जवाब
1) असतो मा सद्गमय किस वेद से लिया गया है?
उत्तर:- internet के बोहोत से source की माने तो ये मंत्र ऋग्वेद से लिया गया है बताया जाता है।
2) तमसो मा ज्योतिर्गमय किस उपनिषद से लिया गया है?
उत्तर:- ये मंत्र बृहदअरण्यक उपनिषद में विद्यमान है।
3) असतो मा सद्गमय इस मंत्र को क्या कहां जाता है?
उत्तर:- इस मंत्र को पवमान मंत्र भी कहां जाता है।
4) असतो मा सद्गमय मंत्र कहां ज्यादा इस्तमाल किया जाता है?
उत्तर:- मूलतः पवित्र सोम यज्ञ की स्तुति में यजमान द्वारा गाया जाता था।
Note:- दोस्तों ध्यान दें कि इस आर्टिकल में लिखी गई बातें इंटरनेट रिसर्च करके पाया गया है।
Conclusion
दोस्तों आशा है आपको इस पवित्र मंत्र के बारे में जानकारी इस आर्टिकल से मिला होगा। हमने बताने की कोशिश की है कि असतो मा सद्गमय किस वेद से लिया गया है। आशा है आपको अच्छा लगा होगा।
ऐसे में आपसे यही कहना की अगर आपको ये आर्टिकल थोड़ा सा भी ज्ञानवर्धक लगा हो तो जरूर इसे सोशल मीडिया में शेयर करें।ताकि औरों को भी इसके बारे में पता चल सके।
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तो आज के लिए इतना ही आपसे फिर मुलाकात होगा एक नए ओर knowledgefull पोस्ट के साथ।तब तक के लिए खुश रहिए,मजे में रहिए ओर हां अवश्य Mask पहने ओर अपने हाथ को बार बार sanitize करे।
जय हिन्द
बंदे मातरम
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