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ढांड या ढांढ क्या है?ढांड शब्द किस भाषा का शब्द है?

 नमस्कार दोस्तों आशा है आप अच्छे होंगे और अपने आप का ख्याल रख रहे होंगे। दोस्तों अगर आप नए-नए चीज के बारे में जानना चाहते हैं और तो और भूगोल के शौकीन हैं। तो आपको यह आर्टिकल जरूर पढ़ना चाहिए।

 इस आर्टिकल में हमने राजस्थान के एक शब्द को लेकर विस्तृत जानकारी दी है। दोस्तों यह आर्टिकल उन लोगों के लिए भी काफी फायदेमंद साबित हो सकता है, जो राजस्थान के किसी सरकारी नौकरी के परीक्षा के लिए तैयारी कर रहे हो। क्योंकि दोस्तों ऐसे चीजों के बारे में जानकारी रखना बोहोत ही जरूरी हो जाता है इस मामले में।
 
ऐसे में आपको जरूर पढ़ना चाहिए।
 मैं बोलते बोलते हैं यही नहीं बोला कि आखिरकार यह आर्टिकल में क्या होने वाला! जी हां हम ढांड के बारे में विस्तृत जानकारी यहां पाने वाले हैं। कि आखिरकार ढांड क्या होता है, ढांड कहां पाया जाता है। यह सब कुछ इसी आर्टिकल में आप जान पाएंगे। तो चलिए जानते हैं जानकारियां और भी डिटेल में।

ढांड क्या है?

ढांड क्या है
ढांड क्या है!

आपको तो यह पता ही होगा कि राजस्थान में खासकर पश्चिमी राजस्थान में सिर्फ मरुस्थल ही मरुस्थल है। ऐसे में वहां रेत के टीलों की कोई कमी नहीं है। और कभी कभी रेत के टीले के बीच में एक अस्थाई झील बन जाती है वर्षा के समय में।
 क्योंकि ऊंची टीलों के बीच में थोड़ा बहुत निचले जगह रह जाता है। और वर्षा के मौसम में पानी भरने के कारण वहां छोटा छोटा झील जैसे बन जाता है।इसे ही Dhand या ढांड या ढांढ अथवा ‘रन’ कहां जाता हैं।

भूगोल में बहुत से ऐसे चीजें हमें मिलते हैं। जो मरुस्थल से संबंधित है। खासकर हो सकता है यह आपके किताब में ना भि दिया हुआ हो। लेकिन आप इसे एक तरह से सामान्य ज्ञान से जुड़ी जानकारी मान सकते हैं।

ढांड शब्द किस भाषा का शब्द है?

दोस्तों आपको ऊपर बताया गया कि ढांड का मतलब क्या होता है। लेकिन आप यह भी पढ़े, की असल में ढांड शब्द राजस्थान के लोकल लैंग्वेज के हिस्सा है।जी हां दोस्तों राजस्थान के सिंधी भाषा के एक शब्द इसे माना जाता है। इंटरनेट के मुताबिक ढांड शब्द सिंधी शब्द है।

आपको यह बताते चलें कि सिंधी भाषा बोलने वाले लोग राजस्थान में भी रहते हैं। ऐसे में इसी सिंधी भाषा का एक शब्द है। ढांड जोकि वो झील जो ऊंचे टील ए के बीच वर्षा में पानी भरने से सृष्टि हो जाता है।

राजस्थान में कहां इसे बोला जाता है?

आप सबको पता ही होगा की राजस्थान के पश्चिमी भाग में थार मरुस्थलीय क्षेत्र है। राजस्थान के इस भाग का निर्माण के कारण जलवायु में व्यापक परिवर्तन ही माना जाता है। यहां तेज हवाएं चलती है। जिसे जगह-जगह बालू के विशालकाय टीले बन जाते हैं। 

इन मरुस्थलीय क्षेत्र में रेत के इन टीलों के बीच वर्षा का जल भर जाता है, जिससे वहां अस्थायी झीलें बन जाती है और यह झीलें ‘ढांढ’ अथवा ‘रन’ कहलाती हैं।

दोस्तों यहां अस्थाई कहने का अर्थ यह है कि वर्षा के समय में यह टीले देखने को मिलता है। लेकिन किसी और मौसम में यह टीले गायब हो जाता है।

राजस्थान के कुछ खारे पानी की झीलें

दोस्तों यह आर्टिकल में आपको ढांड के बारे में बताया गया। अब चलिए देख लेते हैं राजस्थान के कुछ खारे पानी की झील।

राजस्थान के थार मरुस्थलीय क्षेत्र में खारे पानी की झीलें पाई जाती हैं।

जैसे कि सांभर झील, डीडवाना झील, लूणकरणसर झील, पंचपदरा झील आदि। 

पहले बताया गया था की सरस्वती नदी नाम से यहां एक नदी बहा करती थी।लिकिन ये धीरे धीरे जलवायु के कारण बाद में मरुस्थल में परिवर्तित हो गया।
आज के समय में सिर्फ गिनी चुनी नदियां और ये खारे पानी का झीलें ही यहां के शोभा बढ़ाता है।
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★Note:- ध्यान दे की Internet में ये शब्द English में Dhand कहा गया है।और कहीं ढांढ और ढांड भी मिलता है।ऐसे में हम इसका सही उच्चारण कोन सा है ये नहीं बता सकते।

ढांड शब्द से जुड़ी कुछ सवाल जवाब

1) ढांड क्या है?
उत्तर:- हमने इसके बारे में आपको ऊपर ही बताए।

2) ढांड शब्द किस भाषा का है?
उत्तर:- ये सिंधी शब्द है,माना जाता है।

3) ढांड कहां मिलता है?
उत्तर:- राजस्थान के पश्चिमी क्षेत्र के मरुस्थली में ज्यादा देखा जाता है।

Conclusion

आशा है आपको अच्छा लगा होगा यह आर्टिकल पढ़कर। इस आर्टिकल में हमने ढांड क्या होता है इसके बारे में बिल्कुल बारीकी से बताएं हैं। और तो और ढांड से जुड़ी और भी जानकारियां देने की कोशिश की है। राजस्थान के कुछ झीलों के नाम भी यहां लिखा गया है। जो शायद आप पढ़े होंगे।

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तो आजके लिए इतना ही आपसे फिर मुलाकात होगा एक नए और Knowledgefull पोस्ट के साथ।तब तक के लिए खुश रहिए और मजे में रहिए।
                           जय हिंद
                                 बंदे मातरम

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