नमस्कार दोस्तो आशा है आप अच्छे होंगे और अपने आप का ख्याल रख रहे होंगे।
क्या आपकी खेल में इंटरेस्ट है या फिर आपका भिन्न भिन्न खेलों के बारे में जानना अच्छा लगता है? तो आज का आर्टिकल आपके लिए ही है।
और तो और आज के आर्टिकल में आप ऐसे टॉपिक को पढ़ने वाले हैं जो आजकल सरकारी नौकरी के एग्जाम में है बहुत ही ज्यादा पूछा जाता है।
जी हां सामान्य ज्ञान का ही प्रश्न है जो आज की इस आर्टिकल में आप पढ़ने वाले हैं। वैसे क्या टॉपिक आज हम चर्चा करने वाले हैं यह तो आप टाइटल पढ़कर ही पता लगा लिए लेंगे।
आज हम Santosh Trophy के बारे में पढ़ने वाले हैं। शायद हो सकता है आप इस Trophy के बारे में कहीं ना कहीं सुने होंगे, कहीं पढ़े होंगे या फिर कहीं देखे होंगे। लेकिन अगर आपको Santosh Trophy के बारे में विस्तार से जानना है यह आर्टिकल आप के लिए ही है। जी हां आज हम यह भी पढ़ने वाले हैं।
और तो और आपको इसमें Santosh Trophy के इतिहास,Winners के बारे में भी पता चलने वाला है।
तो चलिए पढ़ते हैं आगे और जानते हैं इस Santosh Trophy के बारे में विस्तार से।
Santosh Trophy किस खेल से संबंधित है?
ऐसे बहुत से cup है और बहुत से ट्रॉफी हैं जिसके नाम से ही पता चल जाता है कि यह कोई भारतीय ट्रॉफी है या फिर विदेशी।
ठीक उसी तरह आप भी यह थोड़ा सा मान लिए होंगे इस नाम को देखकर की ये कोई भारतीय ट्रॉफी ही होगा।
अगर आप यह सोचे हैं तो मैं आपको बताता हूं कि आप सही हैं।
असल में यह ट्रॉफी भारत में ही दिया जाता है किसी अन्य देश से इसका कोई संबंध नहीं है।
ऐसे में यह सवाल सबसे पहले आता है कि आखिर ये कौन सी खेल के लिए दिया जाता है जो हो सकता है आपके मन में भी आया होगा।
Santosh Trophy की शुरुआत 1941 से ही हो चुका था और यह आज भी हर वर्ष दिया जाता है।
Santosh Trophy से जुड़ी खेल के नाम
आपको बता दें कि Santosh Trophy का लिंक फुटबॉल से है। जी हां आपने सही सुना संतोष ट्रॉफी को असल में भारत में आयोजित फुटबॉल प्रतियोगिता के लिए दिया जाता है।
जैसे मैंने बताया कि यह आज से नहीं करीब 1941 यानी हमारा देश जब आजाद नहीं हुआ था तब से ही यह चल रहा है और यह आज भी हर वर्ष होता है।
हालांकि की आज के जमाने में आईएसएल फुटबॉल लीग आने के बाद संतोष ट्रॉफी उतना ज्यादा लोकप्रिय नहीं माना जाता है।
Santosh Trophy जिसे सीनियर नेशनल फुटबॉल चैंपियनशिप भी कहा जाता है,जिस टूर्नामेंट में भारत के राज्य और कुछ सरकारी संगठन शामिल होते हैं। भारत सरकार की ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन इस खेल को आयोजित करता है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें 1937 में बना ए आई एफ एफ यानी ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन मिनिस्ट्री ऑफ यूथ अफेयर्स एंड स्पोर्ट्स में आने वाला भारत सरकार का एक गवर्निंग बॉडी है।एआईएफएफ का मुख्यालय दिल्ली में स्थित है।
आपको बता दें कि यह एआईएफएफ सिर्फ संतोष ट्रॉफी को ही नहीं बल्कि आईएसएल यानी इंडियन सुपर लीग तथा सुपर कॉप जैसे फुटबॉल प्रतियोगिता को भी आयोजित करता है।
संतोष ट्रॉफी के इस चैंपियनशिप में लगभग 31 के आसपास टीमें भाग लेता है जिसमें बहुत से राज्य और कुछ सरकारी संगठन शामिल होते है।
Santosh Trophy के इतिहास
जैसे कि मैं आपको पहले बताया कि इसका शुरुआत हुआ था 1941 में।
असल में इंडियन फुटबॉल फेडरेशन जोकि पश्चिम बंगाल का एक फुटबॉल ऑर्गनाइजेशन है उसके प्रेसिडेंट रहे थे Santosh के Manmatha Nath Roy Chowdhury जी।
उनके याद में ही Trophy का नाम Santosh Trophy रखा गया है।
आपको बता दे की Santosh नाम के जगह अभी के समय में बांग्लादेश में है।
1941 से ले कर के आज तक ये Competition होते आ रहा है।बोहोत से टीम इसमें भाग लिया है और बोहोत से टीम जीत भी हासिल की है।
अभी के समय के Champion की बात करें तो Services जो Indian Defence Services को प्रतिनिधित्व करता है उसने लुधियाना में आयोजित 2018-2019 के खेलों में फाइनल में पंजाब के टीम को हराया था और ये trophy हासिल किया था।
SNFC में खेलने वाले टीम के नाम
Senior National Footaball Championship जो की Santosh Trophy के नाम से भी काफी मशहूर है,उसमे बोहोत से Teams हिस्सा हर वर्ष लेता हैं।
जिसमे से एक टीम हर साल Champion के लिए चुना जाता है।
आपको बता दे इसमें State Team और कुछ सरकारी संगठन ही भाग लेती हैं।इसलिए नीचे उन States यानी राज्य,केंद्रशासित प्रदेश और संगठन के नाम दिए गए हैं।
- Andaman and Nicobar Islands
- Andhra Pradesh
- Arunachal Pradesh
- Assam
- Bihar
- Chandigarh
- Chhattisgarh
- Daman and Diu
- Dadra and Nagar Haveli
- Delhi
- Goa
- Gujarat
- Haryana
- Himachal Pradesh
- Jammu and Kashmir
- Jharkhand
- Karnataka
- Kerala
- Lakshadweep
- Madhya Pradesh
- Maharashtra
- Manipur
- Meghalaya
- Mizoram
- Odisha
- Puducherry
- Punjab
- Rajasthan
- Railways
- Services
- Sikkim
- Tamil Nadu
- Telangana
- Tripura
- Uttar Pradesh
- Uttarakhand
- West Bengal
Santosh Trophy जितने वालो के नाम
आज के समय में ऐसे बहुत से टीम है जो ज्यादा बार इस ट्रॉफी को हासिल कर चुका है और ऐसे भी बहुत सी टीम है जो एक दो तीन बार ही अभी तक इस ट्रॉफी को हासिल कर पाया है।
इस Santosh Trophy को हासिल करने वाला सबसे ज्यादा बार अगर कोई है तो वह है वेस्ट बंगाल के टीम।
आपको जानकर हैरान हो जाएंगे की करीब 32 बार पश्चिम बंगाल की 1941 से लेकर आजतक इस Trophy को जीत चुका है।
आपको बता दें कि जब इस Santosh Trophy को शुरुआत हुआ था तब पहला मैच भी बंगाल ही जीता था और उसमें दिल्ली की टीम Runner Up में पहुंचे थे।
वही दूसरा सबसे ज्यादा जीते हुए टीम की बात करें तो उसमें नाम पंजाब का आता है जो अभी तक करीब 8 बार इस Trophy को जीत चुका है।
जबकि सरकारी दफ्तरों की बात करें तो इसमें रेलवेज तीन बार और सर्विसेस ने छह बार Santosh Trophy को अपने नाम किया है।
एक जानकारी आपको और दे इसमें यानी टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा गोल करने वाला इंसान के नाम इंदर सिंह है जो कि पंजाब टीम में खेलते हैं। करीब 45 गोल्स इंदर सिंह के नाम है।
संतोष ट्रॉफी से जुड़ी हुई कुछ सवाल जवाब
1) संतोष ट्रॉफी किस खेल से संबंधित है?
उत्तर:- फुटबॉल।
2) santosh trophy कब से आयोजित किया जा रहा है?
उत्तर:- 1941 से।
3) Santosh Trophy सबसे ज्यादा बार किसने जीता था?
उत्तर:-पश्चिम बंगाल।
4) Santosh Trophy के टूर्नामेंट के नाम क्या है?
उत्तर:- इसे Santosh Trophy या फिर Senior National Footaball Championship भी कहां जाता है।
5) Santosh Trophy के टूर्नामेंट में कितने Teams भाग लेते हैं?
उत्तर:- 31 टीम(लगभग)।
Conclusion
आशा है आप समझे Santosh Trophy के बारे में।इस आर्टिकल में मैंने बोहोत ही डिटेल में इसके बारे में बताया है आशा है आपको अच्छा लगा होगा।
आशा है आप कुछ न कुछ जरूर सीखे होंगे,नए चीज जाने होंगे इस आर्टिकल को पढ़ कर।
ऐसे में आपसे यही कहना की अगर आपको ये आर्टिकल थोड़ा सा भी ज्ञानवर्धक लगा हो तो जरूर इसे सोशल मीडिया में शेयर करें।ताकि औरों को भी इसके बारे में पता चल सके।
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तो आज के लिए इतना ही आपसे फिर मुलाकात होगा एक नए ओर knowledgefull पोस्ट के साथ।तब तक के लिए खुश रहिए,मजे में रहिए ओर हां अवश्य Mask पहने ओर अपने हाथ को बार बार sanitize करे।
जय हिन्द
बंदे मातरम
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